संबल योजना 2.0 की 11वीं किस्त जारी: 9,149 श्रमिक परिवारों को मिले ₹203 करोड़, खाते में पहुंची सहायता राशि

Last Updated: 25 August 2026

संबल योजना 2.0 की 11वीं किस्त जारी: 9,149 श्रमिक परिवारों के खातों में पहुंचे 203 करोड़ रुपये

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री निवास से मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किस्त जारी की। सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 9,149 पात्र हितग्राहियों के खातों में 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की गई। यह राशि रक्षाबंधन से पहले श्रमिक परिवारों के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आई है।

मुख्यमंत्री बोले- सरकार हमेशा श्रमिकों के साथ

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपने खून-पसीने से मध्यप्रदेश के विकास की नींव मजबूत कर रहे हैं और कठिन परिस्थितियों में सरकार उनका साथ नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की असामयिक मृत्यु या अचानक आर्थिक संकट जैसी परिस्थितियों में संबल योजना श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहारा देती है। उनके अनुसार, मुश्किल समय में मिलने वाली सहायता राशि परिवार को संकट से उबरने में महत्वपूर्ण मदद करती है।

1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला सहारा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबल योजना प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दे चुकी है। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं में लंबित भुगतान का बैकलॉग खत्म कर पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि लगातार उपलब्ध कराई जाए।

श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी कहा कि सरकार संबल योजना के हितग्राहियों का बैकलॉग खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। 11वीं किस्त में 1 जनवरी 2026 तक के भुगतान को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई।

किस श्रेणी के हितग्राहियों को मिली सहायता?

संबल योजना 2.0 की 11वीं किस्त में अलग-अलग श्रेणियों के कुल 9,149 हितग्राही शामिल हैं।

  • सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता: 8,027 हितग्राही
  • दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह सहायता: 1,034 हितग्राही
  • आंशिक स्थायी दिव्यांगता: 66 हितग्राही
  • स्थायी दिव्यांगता: 22 हितग्राही

योजना के तहत पात्र श्रमिकों को अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5,000 रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपये, आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।

गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 16 हजार रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री ने संबल योजना के अंतर्गत गर्भवती श्रमिक महिलाओं को मिलने वाली सहायता का भी उल्लेख किया। पात्र श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के दौरान 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे मां और बच्चे के बेहतर पोषण में मदद मिल सके।

इसके अलावा अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू किए जाने और ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत का उल्लेख किया। सरकार का उद्देश्य श्रमिकों के कौशल को बेहतर बनाकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

सरकार ने बदलते रोजगार के स्वरूप को देखते हुए गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 से जोड़ने की बात कही है। साथ ही संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से जोड़ने और श्रमिक परिवारों के बच्चों की मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग तथा पॉलीटेक्निक जैसी पढ़ाई में सहायता देने की जानकारी भी दी गई।

श्रमिक परिवारों के लिए राहत का कदम

संबल योजना 2.0 की 11वीं किस्त के रूप में 203 करोड़ रुपये का वितरण सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर मृत्यु या दिव्यांगता जैसी कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे परिवारों के लिए यह आर्थिक सहायता तत्काल राहत प्रदान कर सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश स्पष्ट रहा कि प्रदेश के श्रमिक अकेले नहीं हैं और संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।

स्रोत: मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग की 24 अगस्त 2026 की खबर तथा उपलब्ध रिपोर्ट्स।

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