🌾 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: किसानों के लिए क्या बदलेगा?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना : भारत सरकार किसानों की खेती को बेहतर बनाने और कृषि से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं प्रयासों में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana) भी शामिल है।
इस योजना को केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। योजना को वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू करके 6 साल तक चलाने का प्रावधान है। इसके तहत देश के 100 ऐसे कृषि जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां कृषि उत्पादकता कम है, फसल क्षेत्र का उपयोग अपेक्षाकृत कम है या किसानों को कृषि ऋण की सुविधा कम मिलती है।
💰 योजना का बजट कितना है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए हर साल ₹24,000 करोड़ का परिव्यय रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य केवल किसानों को आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि चयनित जिलों में खेती से जुड़ी पूरी व्यवस्था को मजबूत करना है। इसमें सिंचाई, भंडारण, फसल विविधीकरण, कृषि ऋण और कृषि से जुड़ी दूसरी गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
🎯 प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य
इस योजना के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं—
- 🌱 खेती की उत्पादकता बढ़ाना
- 🌾 किसानों को अलग-अलग फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना
- 💧 सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करना
- 🏠 फसल कटाई के बाद भंडारण की व्यवस्था बढ़ाना
- 💳 किसानों के लिए कृषि ऋण की उपलब्धता बेहतर करना
- ♻️ टिकाऊ और बेहतर कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना
- 🐄 कृषि के साथ पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देना
सरकार के अनुसार योजना का लक्ष्य कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में पिछड़े जिलों के विकास को तेज करना है।
📌 किन जिलों को योजना में शामिल किया जाएगा?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत पूरे देश के 100 जिलों का चयन किया जाना है।
जिलों का चयन मुख्य रूप से इन बातों के आधार पर किया जाता है—
- कृषि उत्पादकता कम होना
- फसल सघनता (Cropping Intensity) कम होना
- कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण कम होना
साथ ही अलग-अलग राज्यों को उनकी कृषि स्थिति और क्षेत्रफल आदि को ध्यान में रखते हुए शामिल किया जाएगा। सरकार ने हर राज्य से कम से कम एक जिले को शामिल करने का प्रावधान भी रखा है।
👨🌾 किसानों को क्या फायदा होगा?
इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें केवल एक प्रकार की सहायता पर ध्यान नहीं दिया गया है।
चयनित जिलों में किसानों को खेती से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा। उदाहरण के लिए, सिंचाई की सुविधा बेहतर होने से किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता में मदद मिल सकती है।
इसी तरह गांव और ब्लॉक स्तर पर फसल के भंडारण की सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इससे फसल को तुरंत बेचने की मजबूरी कम करने में मदद मिल सकती है।
किसानों को कृषि ऋण तक बेहतर पहुंच दिलाने पर भी योजना में विशेष ध्यान दिया गया है।
🌾 36 सरकारी योजनाओं को साथ लाने की कोशिश
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की एक खास बात यह है कि यह बिल्कुल अलग से कई नई योजनाएं शुरू करने के बजाय 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर आधारित है।
इसका उद्देश्य यह है कि अलग-अलग योजनाओं का लाभ जरूरत वाले जिलों और किसानों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सके।
🐄 खेती के साथ पशुपालन पर भी ध्यान
योजना के तहत कृषि के साथ-साथ इससे जुड़ी गतिविधियों को भी महत्व दिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, स्थानीय स्तर पर पशु स्वास्थ्य से संबंधित अभियान भी चलाए जा सकते हैं। इससे खेती के साथ पशुपालन करने वाले किसानों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
🏡 जिले के हिसाब से बनेगी योजना
हर कृषि जिले की समस्याएं एक जैसी नहीं होती हैं। किसी क्षेत्र में पानी की समस्या हो सकती है तो किसी क्षेत्र में भंडारण या कृषि ऋण की।
इसी कारण योजना में जिले की स्थानीय जरूरत के अनुसार कृषि विकास की योजना बनाने पर जोर दिया गया है।
जिला स्तर पर संबंधित अधिकारी, किसान और अन्य हितधारक मिलकर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार काम करेंगे। योजना की प्रगति की निगरानी के लिए कई प्रदर्शन संकेतकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
❓ क्या हर किसान को सीधे ₹24,000 या कोई निश्चित राशि मिलेगी?
नहीं।
यह बात समझना बहुत जरूरी है कि ₹24,000 करोड़ योजना का वार्षिक कुल परिव्यय है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर किसान के खाते में ₹24,000 भेजे जाएंगे।
योजना का मुख्य उद्देश्य चयनित जिलों में कृषि से जुड़ी सुविधाओं और योजनाओं को मजबूत करना है। किसी किसान को मिलने वाला लाभ संबंधित योजना, पात्रता और उसके क्षेत्र में लागू कार्यक्रम के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
❓ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कब शुरू हुई?
केंद्र सरकार ने इस योजना को 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से छह वर्षों के लिए लागू की गई है।
❓ कितने जिलों को योजना में शामिल किया जाएगा?
इस योजना के पहले चरण में देश के 100 कृषि जिलों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
❓ योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को सामान्य रूप से ऐसी योजना के रूप में नहीं बताया गया है जिसमें सभी किसानों को एक अलग ऑनलाइन फॉर्म भरकर सीधे ₹24,000 का लाभ दिया जाए।
इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग कृषि कार्यक्रमों और मौजूदा सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया जाएगा। इसलिए किसान अपने जिले में कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी जरूर लें।
🔎 निष्कर्ष
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य देश के ऐसे कृषि जिलों को आगे बढ़ाना है जहां खेती से जुड़ी सुविधाओं और उत्पादकता में सुधार की जरूरत है।
योजना के तहत 100 जिलों, बेहतर सिंचाई, फसल विविधीकरण, भंडारण, कृषि ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए हर साल ₹24,000 करोड़ का प्रावधान है और योजना को छह वर्षों के लिए लागू किया गया है।
किसानों को इस योजना के साथ-साथ अपने जिले में चल रही कृषि विभाग की योजनाओं, सिंचाई, बीज, कृषि ऋण, भंडारण और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी भी लेते रहना चाहिए। इससे उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

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