पीएम मोदी ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की लिए किया विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी(PM Modi) ने नई दिल्ली में पीएम विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश की कुम्हार श्रीमती अनीता प्रजापति का सम्मान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर यशोभूमि का लोकार्पण भी किया। प्रधानमंत्री ने पीएम विश्वकर्मा योजना(PM Vishwakarma Scheme) की टैग लाइन, प्रतीक-चिन्ह और पोर्टल को लांच किया तथा कारीगरी की 18 विधाओं पर केंद्रित 18 डाक टिकटों और टूल-किट बुकलेट का विमोचन किया। प्रधानमंत्री ने 18 विधाओं से जुड़े कारीगरों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों के जीवन में बदलाव लाने में प्रभावी सिद्ध होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कृतित्व और व्यक्तित्व में गाँव-गरीब की चिंता से लेकर विश्व में भारत की साख मजबूत करने की क्षमता है। भारत की बड़ी जनसंख्या को देखते हुए रोजगार की समस्या स्वभाविक है परंतु पीएम गतिशक्ति, पीएम स्वनिधि योजना, ग्रामीण विकास संस्थान, मुद्रा योजना, के माध्यम से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। विश्वकर्मा योजना गुरू-शिष्य परम्परा पर आधारित है। योजना के लिए 13 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस अभिनव पहल के लिए हम सब उनके आभारी हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

इसे भी पढ़े :- PM विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2023 में आवेदन कैसे करे

इस योजना से देश के कौशल-तंत्र को राष्ट्र के कारीगरों की जरूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है। योजना का लाभ उठाकर परंपरागत कारीगर अपनी स्किल को स्केल दे पाएंगे। योजना से हर जिले के कुशल कारीगरों और कामगारों को प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहायता देकर, उनके हुनर, कला और प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा।

योजना में जिला स्तर पर बढ़ई, लोहार, सुनार जैसे शिल्पकारों और कारीगरों का कौशल सत्यापन किया जाएगा। आवश्यकतानुरूप इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण में हर दिन 500 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा। प्रशिक्षण एवं कौशल सत्यापन के बाद इन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। हर लाभार्थी को 15 हजार रुपए टूल-किट के लिए दिए जाएंगे। अपना व्यवसाय प्रारम्भ करने या बढ़ाने के लिए आसान ऋण सुविधा दी जाएगी। पहले चरण में 5% की दर से एक लाख रुपए का कोलेटरल-फ्री ऋण, दूसरे चरण में तीन लाख रुपए का ऋण प्रावधान है। कारीगर की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिये। योजना का लाभ प्रत्येक परिवार के एक सदस्य तक ही सीमित रहेगा। सरकारी सेवा में कार्यरत कोई भी व्यक्ति या उसके रिश्तेदार पात्र नहीं होंगे।

हमारे  Whats App SchemeNews ग्रुप से जुड़े.और पाए योजनाओ,कैरियर और महत्त्वपूर्ण खबरे. और इस schemeNews लिंक को अन्य लोगो को शेयर करे ताकि वह भी सभी जानकारी हर दिन आसानी से पा सके.

Leave a Comment

Discover more from Schemenews.in

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading