PM-KUSUM Yojana: किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और पूरी जानकारी

Last Updated: 15 September 2026

Table of Contents

☀️ PM-KUSUM Yojana: किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी, जानें पात्रता, आवेदन और पूरी जानकारी

PM-KUSUM Yojana : अगर आप किसान हैं और सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पंप पर निर्भर हैं, तो प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) आपके लिए महत्वपूर्ण योजना हो सकती है।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना, खेती में इस्तेमाल होने वाले डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना तथा किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप की सुविधा उपलब्ध कराना है।

PM-KUSUM योजना के तहत अलग-अलग प्रकार के सोलर प्रोजेक्ट और कृषि पंपों के सोलराइजेशन का प्रावधान है। केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना में सोलर पंप और मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों के सोलराइजेशन के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान है।

जरूरी बात: PM-KUSUM में मिलने वाली सब्सिडी और आवेदन की प्रक्रिया सभी राज्यों में एक जैसी नहीं होती। किसान को अपने राज्य की संबंधित विभाग/डिस्कॉम द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार आवेदन करना चाहिए।

🌞 PM-KUSUM Yojana क्या है?

PM-KUSUM का पूरा नाम Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan है।

यह योजना नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा संचालित की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना और किसानों को सिंचाई के लिए स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।

सरल भाषा में समझें तो इस योजना के माध्यम से किसान:

  • ☀️ सोलर पंप लगवा सकते हैं।
  • 💧 सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर सकते हैं।
  • ⚡ कुछ मामलों में मौजूदा कृषि पंप को सोलर से जोड़ सकते हैं।
  • 🌱 कृषि क्षेत्र में डीजल की खपत कम कर सकते हैं।
  • 💰 योजना के नियमों के अनुसार अतिरिक्त सौर बिजली से आय का अवसर भी मिल सकता है।

⚡ PM-KUSUM के कितने Component हैं?

PM-KUSUM योजना मुख्य रूप से तीन Components में लागू की गई है।

1. Component-A

इसमें विकेंद्रीकृत ग्राउंड या स्टिल्ट-माउंटेड ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्रों की स्थापना का प्रावधान है।

इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र के आसपास नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

2. Component-B — किसानों के लिए सोलर पंप

यह किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Component-B के तहत ऐसे क्षेत्रों में standalone solar agriculture pumps लगाने के लिए सहायता दी जाती है जहां ग्रिड बिजली उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक MNRE जानकारी के अनुसार व्यक्तिगत किसानों को 7.5 HP तक के standalone solar agriculture pumps के लिए सहायता दी जा सकती है।

3. Component-C — मौजूदा कृषि पंप का Solarization

इसमें पहले से लगे grid-connected agricultural pumps को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का प्रावधान है।

इसका फायदा यह है कि किसान अपनी सिंचाई की जरूरत के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकता है और योजना के लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त बिजली के उपयोग/बिक्री की व्यवस्था भी हो सकती है।

💰 PM-KUSUM में कितनी सब्सिडी मिलती है?

यह सवाल किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है।

PM-KUSUM की सब्सिडी को हर किसान के लिए एक निश्चित प्रतिशत मानना सही नहीं है।

केंद्रीय वित्तीय सहायता, राज्य सरकार की सहायता, किसान का हिस्सा और अन्य वित्तीय व्यवस्था Component, राज्य और लागू योजना दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होती है।

MNRE के राष्ट्रीय PM-KUSUM पोर्टल के अनुसार standalone solar pumps और grid-connected agricultural pumps के solarization के लिए केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित केंद्रीय सहायता का प्रावधान है।

इसलिए आवेदन करने से पहले किसान को अपने राज्य की आधिकारिक योजना/नोटिफिकेशन में यह जरूर देखना चाहिए कि:

  • केंद्र सरकार की सहायता कितनी है?
  • राज्य सरकार कितनी सहायता दे रही है?
  • किसान को कितना पैसा जमा करना होगा?
  • बैंक लोन की सुविधा उपलब्ध है या नहीं?
  • किस HP के पंप के लिए आवेदन किया जा सकता है?

⚠️ 90% Subsidy वाली बात पर सावधान रहें

इंटरनेट पर PM-KUSUM को लेकर कई जगह “90% सब्सिडी” जैसी जानकारी दिखाई देती है।

लेकिन सभी किसानों के लिए 90% सब्सिडी को सामान्य नियम समझना सही नहीं है।

सब्सिडी की वास्तविक राशि आपके राज्य, Component, पंप क्षमता और संबंधित विभाग की वर्तमान व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।

इसलिए केवल सोशल मीडिया पोस्ट देखकर किसी एजेंट को पैसे न दें।

👨‍🌾 PM-KUSUM के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

पात्रता Component और राज्य की लागू गाइडलाइन के अनुसार अलग हो सकती है।

सामान्य तौर पर योजना का लाभ कृषि क्षेत्र से जुड़े पात्र किसानों और अन्य निर्धारित लाभार्थियों को दिया जाता है।

आवेदन करने से पहले इन बातों की जांच करें:

  • आवेदक योजना की निर्धारित श्रेणी में आता है या नहीं।
  • कृषि भूमि/कृषि उपयोग से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।
  • सिंचाई की आवश्यकता और पंप की पात्रता पूरी होती है या नहीं।
  • संबंधित राज्य विभाग या DISCOM की शर्तें पूरी होती हैं या नहीं।
  • जिस क्षेत्र में आवेदन किया जा रहा है वहां योजना उपलब्ध है या नहीं।

📄 PM-KUSUM आवेदन के लिए कौन-कौन से Documents लग सकते हैं?

दस्तावेजों की सूची राज्य और Component के अनुसार बदल सकती है। सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाते की जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • भूमि से संबंधित दस्तावेज
  • कृषि भूमि/खसरा संबंधी जानकारी
  • बिजली कनेक्शन की जानकारी, जहां लागू हो
  • अन्य आवश्यक दस्तावेज

ध्यान रखें: आवेदन करने से पहले अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान दस्तावेज सूची जरूर जांचें।

📝 PM-KUSUM Yojana में आवेदन कैसे करें?

PM-KUSUM के लिए आवेदन की प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए केवल किसी अनजान वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बजाय आधिकारिक पोर्टल और संबंधित राज्य की implementing agency की जानकारी देखें।

Step 1: आधिकारिक जानकारी देखें

सबसे पहले PM-KUSUM के राष्ट्रीय पोर्टल पर योजना की जानकारी देखें।

Official PM-KUSUM Portal:
https://pmkusum.mnre.gov.in/

Step 2: अपने राज्य की योजना देखें

आपके राज्य में PM-KUSUM को कौन-सा विभाग, DISCOM या Renewable Energy Agency लागू कर रही है, इसकी जानकारी देखें।

Step 3: अपना Component पहचानें

अगर आपको नया standalone solar pump चाहिए, तो सामान्यतः Component-B से संबंधित जानकारी देखनी होगी।

अगर पहले से grid-connected agricultural pump है, तो Component-C से संबंधित प्रावधान देखें।

Step 4: आवेदन फॉर्म भरें

आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया में मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

Step 5: आवेदन शुल्क/किसान अंश की जानकारी जांचें

किसी भी भुगतान से पहले यह जरूर देखें कि भुगतान किस विभाग या अधिकृत संस्था को किया जा रहा है।

Step 6: चयन और Verification

आवेदन के बाद संबंधित विभाग द्वारा पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सकता है।

Step 7: अधिकृत Vendor से Installation

पात्र होने पर योजना के नियमों के अनुसार अधिकृत vendor के माध्यम से solar pump/system की installation की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

💡 PM-KUSUM Yojana के फायदे

इस योजना से किसानों को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं:

☀️ 1. Solar Energy का उपयोग

सूर्य की रोशनी से बिजली बनाकर सिंचाई के काम में इस्तेमाल की जा सकती है।

💧 2. सिंचाई में सुविधा

जहां योजना के तहत standalone solar pump उपलब्ध कराया जाता है, वहां किसान सोलर पंप का उपयोग सिंचाई के लिए कर सकता है।

⛽ 3. Diesel पर निर्भरता कम

डीजल पंप वाले किसानों के लिए solar pump ईंधन की लागत और डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है।

💰 4. अतिरिक्त आय का अवसर

PM-KUSUM के कुछ Components में उत्पादित अतिरिक्त बिजली को योजना के लागू नियमों और DISCOM व्यवस्था के अनुसार ग्रिड में देने की व्यवस्था हो सकती है।

🌱 5. पर्यावरण के लिए बेहतर

Solar energy renewable energy है, इसलिए इससे कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।

🔎 PM-KUSUM में आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

किसान इन गलतियों से बचें:

❌ “90% subsidy पक्की है” कहने वाले व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें।

❌ बिना जांचे किसी private website पर आवेदन न करें।

❌ किसी व्यक्ति के personal bank account में पैसा जमा न करें।

❌ अधिकृत vendor की जानकारी जरूर जांचें।

❌ आवेदन से पहले अपने राज्य की वर्तमान गाइडलाइन पढ़ें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PM-KUSUM की वास्तविक पात्रता और सहायता राज्य तथा Component के अनुसार बदल सकती है।

📌 PM-KUSUM Yojana: एक नजर में

जानकारीविवरण
योजना का नामPM-KUSUM
पूरा नामप्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान
संबंधित मंत्रालयनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE)
मुख्य उद्देश्यकृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना
Component-AGrid-connected renewable energy plants
Component-BStandalone solar agriculture pumps
Component-CGrid-connected agricultural pumps का solarization
Component-B में पंप7.5 HP तक का प्रावधान
आवेदनराज्य/संबंधित implementing agency के माध्यम से
Official Portalpmkusum.mnre.gov.in

❓ PM-KUSUM Yojana से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल

क्या PM-KUSUM में किसानों को सोलर पंप मिलता है?

हां। योजना के Component-B के तहत पात्र किसानों को standalone solar agriculture pumps के लिए सहायता का प्रावधान है।

PM-KUSUM में कितने HP का सोलर पंप लगाया जा सकता है?

आधिकारिक MNRE जानकारी के अनुसार Component-B में 7.5 HP तक के standalone solar agriculture pumps के लिए सहायता का प्रावधान है।

क्या पहले से लगे कृषि पंप को Solar किया जा सकता है?

हां। PM-KUSUM के Component-C में grid-connected agricultural pumps के solarization का प्रावधान है।

क्या PM-KUSUM में 90% सब्सिडी मिलती है?

सभी किसानों के लिए 90% सब्सिडी को सामान्य नियम नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक सहायता संबंधित राज्य, Component और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करती है।

PM-KUSUM का Official Portal कौन सा है?

योजना की राष्ट्रीय जानकारी के लिए pmkusum.mnre.gov.in आधिकारिक पोर्टल है।

क्या PM-KUSUM अभी भी महत्वपूर्ण योजना है?

हां, MNRE की आधिकारिक वेबसाइट पर PM-KUSUM से संबंधित योजना, दिशानिर्देश और कार्यान्वयन संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

⚠️ जरूरी Disclaimer

PM-KUSUM योजना की पात्रता, सब्सिडी, आवेदन की तारीख, पंप की क्षमता और आवेदन प्रक्रिया राज्य तथा संबंधित Component के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के संबंधित सरकारी विभाग/DISCOM और PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल से जानकारी सत्यापित करें।

SchemeNews का उद्देश्य किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी आसान भाषा में पहुंचाना है। किसी भी योजना के लिए पैसा जमा करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट और विभागीय सूचना जरूर जांचें।

🔗 Official Links

PM-KUSUM National Portal:
https://pmkusum.mnre.gov.in/

MNRE – PM-KUSUM Scheme:
https://mnre.gov.in/en/pradhan-mantri-kisan-urja-suraksha-evam-utthaan-mahabhiyaan-pm-kusum/

निष्कर्ष

PM-KUSUM केवल सोलर पंप लगाने की योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा से जोड़ना भी है। किसानों के लिए इसका सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि योजना के अलग-अलग Components के माध्यम से solar pumps और existing agricultural pumps के solarization को बढ़ावा दिया जा रहा है।

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह पता करें कि आपके राज्य में कौन-सा Component खुला है और किसान को कितना अंश देना होगा। इसके बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं।

योजना की सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल और अपने राज्य की संबंधित एजेंसी की जानकारी को प्राथमिकता दें।

Leave a Comment

Discover more from Schemenews.in

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading