मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना 2026: सिर्फ बेटियां हैं तो 60 साल की उम्र के बाद मिल सकती है हर महीने पेंशन,जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

Last Updated: 9 September 2026

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मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना 2026: सिर्फ बेटियां हैं तो 60 साल की उम्र के बाद मिल सकती है हर महीने पेंशन, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना 2026 : कई माता-पिता अपनी बेटियों की पढ़ाई और शादी की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद उम्र के उस पड़ाव पर पहुंच जाते हैं, जहां नियमित आमदनी का कोई बड़ा साधन नहीं रहता। ऐसे समय में सरकार की ओर से मिलने वाली छोटी-सी आर्थिक मदद भी काफी मायने रखती है।

मध्य प्रदेश में ऐसे ही दंपतियों के लिए मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ उन दंपतियों के लिए है जिनकी संतान के रूप में केवल बेटियां हैं और जिनमें से किसी एक की उम्र कम से कम 60 वर्ष हो चुकी है।

योजना का उद्देश्य केवल पेंशन देना नहीं, बल्कि ऐसे माता-पिता को सामाजिक सुरक्षा देना है जिनकी बेटियों का विवाह हो जाने के बाद उनके पास बुढ़ापे में सहारे का कोई नियमित स्रोत नहीं रहता। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक CM Helpline पोर्टल पर भी योजना का यही उद्देश्य बताया गया है।

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना क्या है?

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना मध्य प्रदेश सरकार की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजना है। इसे 1 अप्रैल 2013 से शुरू किया गया था।

इस योजना के तहत ऐसे पात्र दंपतियों को पेंशन का लाभ दिया जाता है जिनकी केवल बेटियां हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार दंपति में से किसी एक की न्यूनतम आयु 60 वर्ष होना जरूरी है और दंपति आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

यानी अगर किसी परिवार में बेटियां ही संतान हैं, उनकी शादी हो चुकी है और माता-पिता निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, तो वे इस सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कितनी पेंशन मिलती है?

मौजूदा सरकारी जिला-स्तरीय जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राही दंपति को ₹600 प्रतिमाह की सहायता राशि दी जाती है।

पेंशन की राशि सीधे बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था है। CM Helpline के योजना विवरण के अनुसार संचालनालय द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रतिमाह राशि हितग्राही के बैंक बचत खाते में जमा की जाती है।

ध्यान दें: सरकारी योजनाओं में राशि या नियम समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान जानकारी जरूर जांचें।

इस योजना का लाभ किसे मिल सकता है?

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात पात्रता की है। केवल 60 वर्ष की उम्र पूरी होना पर्याप्त नहीं है।

CM Helpline पर उपलब्ध वर्तमान जानकारी के अनुसार मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक दंपति मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए।
  • दंपति में से किसी एक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए।
  • दंपति की संतान के रूप में केवल पुत्रियां होनी चाहिए।
  • दंपति आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

योजना सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित विभिन्न लाभार्थी वर्गों के लिए उपलब्ध बताई गई है।

केवल बेटियां होने की शर्त क्यों महत्वपूर्ण है?

इस योजना को समझने के लिए इसकी सबसे अहम शर्त पर ध्यान देना जरूरी है।

सरकार ने इस योजना को ऐसे दंपतियों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू किया है जिनकी केवल बेटियां हैं। बेटियों के विवाह के बाद माता-पिता के लिए नियमित आर्थिक सहारे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह पेंशन योजना बनाई गई है।

इसलिए आवेदन करते समय केवल बेटियां होने से संबंधित घोषणा या प्रमाण की जरूरत पड़ सकती है। CM Helpline के दस्तावेजों में दंपति से ऐसा शपथ-पत्र भी मांगा गया है जिसमें यह बताया जाता है कि उनकी कोई संतान के रूप में पुत्र नहीं है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

आवेदन करते समय दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर रहेगा। आधिकारिक योजना विवरण में निम्न दस्तावेजों का उल्लेख है:

  1. आयु प्रमाण पत्र
  2. केवल पुत्रियां होने से संबंधित प्रमाण/दस्तावेज
  3. आयकरदाता नहीं होने का शपथ-पत्र
  4. दंपति का संयुक्त फोटो
  5. एकल स्थिति में एकल फोटो
  6. बैंक खाते से संबंधित जानकारी
  7. आवश्यक होने पर पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र
  8. परित्यक्ता महिला के मामले में सक्षम न्यायालय द्वारा जारी आदेश की प्रमाणित प्रति

जिला स्तर की सरकारी जानकारी में समग्र आईडी, आधार, मोबाइल नंबर और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों का भी उल्लेख मिलता है।

महत्वपूर्ण: दस्तावेजों की स्थानीय स्तर पर मांग आवेदन की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय या लोक सेवा केंद्र से आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना बेहतर है।

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना में आवेदन कैसे करें?

अब बात आती है सबसे जरूरी सवाल की—आवेदन कहां और कैसे किया जाए?

सरकारी जानकारी के अनुसार निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय, ग्राम पंचायत या लोक सेवा केंद्र में जमा किया जा सकता है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवेदन की प्रक्रिया स्थानीय निकाय के अनुसार हो सकती है। कुछ जिला प्रशासन की जानकारी में ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत कार्यालय का उल्लेख किया गया है।

आवेदन के लिए सामान्य प्रक्रिया

Step 1: सबसे पहले अपनी पात्रता जांचें।

Step 2: आयु, निवास और केवल बेटियां होने से संबंधित दस्तावेज तैयार करें।

Step 3: बैंक खाते और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ रखें।

Step 4: निर्धारित आवेदन पत्र भरें।

Step 5: आवेदन ग्राम पंचायत/संबंधित कार्यालय या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से जमा करें।

Step 6: आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर पेंशन स्वीकृत की जा सकती है।

Step 7: स्वीकृति के बाद पेंशन राशि बैंक खाते में भेजी जाती है।

योजना की जरूरी जानकारी एक नजर में

जानकारीविवरण
योजना का नाममुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना
राज्यमध्य प्रदेश
शुरुआत1 अप्रैल 2013
विभागसामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
लाभार्थीपात्र दंपति
आयुदंपति में से किसी एक की आयु कम से कम 60 वर्ष
संतानकेवल पुत्रियां
आयकरदातानहीं होना चाहिए
पेंशन₹600 प्रतिमाह
क्षेत्रग्रामीण एवं शहरी
आवेदनग्राम पंचायत/संबंधित कार्यालय/लोक सेवा केंद्र
आधिकारिक पोर्टलSocial Justice Department, Madhya Pradesh

योजना की वर्तमान पात्रता और आवेदन संबंधी जानकारी मध्य प्रदेश सरकार के CM Helpline Scheme Dashboard पर उपलब्ध है।

क्या शादीशुदा बेटियां होने पर माता-पिता को लाभ मिलेगा?

योजना का उद्देश्य ही ऐसे दंपतियों को सामाजिक सुरक्षा देना है जिनकी केवल बेटियां हैं और बेटियों के विवाह के बाद माता-पिता को आर्थिक सहारे की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए बेटियों का विवाह हो चुका होना अपने आप में योजना के उद्देश्य के विपरीत नहीं है।

हालांकि अंतिम पात्रता आवेदन के समय विभागीय जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तय होगी।

पेंशन कब और कैसे मिलती है?

पात्रता स्वीकृत होने के बाद पेंशन की राशि हितग्राही के बैंक बचत खाते में सीधे जमा किए जाने की व्यवस्था है। सरकारी योजना विवरण में इसे सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रतिमाह बैंक खाते में जमा करने की बात कही गई है।

इसका मतलब यह है कि पात्र व्यक्ति को हर महीने राशि प्राप्त करने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, बशर्ते आवेदन स्वीकृत हो और बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही हो।

एक जरूरी बात जो आवेदन से पहले जानना चाहिए

कई बार लोग केवल यह देखकर आवेदन कर देते हैं कि उनकी उम्र 60 वर्ष हो गई है। लेकिन इस योजना में उम्र के साथ परिवार की स्थिति और आयकरदाता न होने जैसी शर्तें भी महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए आवेदन करने से पहले तीन बातें जरूर जांच लें:

पहली, दंपति मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं या नहीं।

दूसरी, संतान के रूप में केवल बेटियां हैं और पुत्र नहीं है।

तीसरी, दंपति आयकरदाता नहीं हैं।

इन शर्तों के साथ जरूरी दस्तावेज भी तैयार रखें। इससे आवेदन के समय अनावश्यक परेशानी कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना: क्यों है खास?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी सोच है। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता के रूप में नहीं रखा, बल्कि ऐसे माता-पिता के लिए सामाजिक सुरक्षा के रूप में बनाया है जिनकी केवल बेटियां हैं।

₹600 की राशि बहुत बड़ी रकम नहीं है, लेकिन नियमित पेंशन के रूप में मिलने वाली सहायता बुजुर्ग दंपतियों के रोजमर्रा के छोटे खर्चों में मददगार हो सकती है।

मध्य प्रदेश सरकार के उपलब्ध आंकड़ों में भी इस योजना के हजारों हितग्राहियों का उल्लेख मिलता है। वर्ष 2024-25 में 65,324 और वर्ष 2025-26 में 62,160 हितग्राही दर्ज किए गए हैं।

FAQ – मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना

1. मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना कब शुरू हुई?

यह योजना मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल 2013 से शुरू की गई थी।

2. इस योजना में कितनी पेंशन मिलती है?

उपलब्ध सरकारी जिला-स्तरीय जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राही को ₹600 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।

3. क्या 60 वर्ष की उम्र जरूरी है?

हां। दंपति में से किसी एक की न्यूनतम आयु 60 वर्ष होना आवश्यक है।

4. क्या जिनके बेटे और बेटियां दोनों हैं, वे आवेदन कर सकते हैं?

योजना की मुख्य पात्रता के अनुसार दंपति की संतान के रूप में केवल पुत्रियां होनी चाहिए। पुत्र होने की स्थिति में यह मुख्य शर्त पूरी नहीं होती।

5. आवेदन कहां किया जा सकता है?

आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित आवेदन ग्राम पंचायत, संबंधित पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय या लोक सेवा केंद्र में जमा किया जा सकता है।

6. क्या आयकरदाता इस योजना का लाभ ले सकता है?

नहीं। वर्तमान सरकारी योजना विवरण में दंपति का आयकरदाता नहीं होना पात्रता की शर्तों में शामिल है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना उन बुजुर्ग दंपतियों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है जिनकी संतान के रूप में केवल बेटियां हैं। योजना के तहत पात्र दंपति को ₹600 प्रतिमाह की पेंशन मिलने का प्रावधान है और राशि सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है।

अगर आपके परिवार में भी माता-पिता इस योजना की शर्तें पूरी करते हैं, तो आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लें और अपने ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय या लोक सेवा केंद्र से वर्तमान प्रक्रिया की पुष्टि करें।

योजना से जुड़ी जानकारी में बदलाव संभव है, इसलिए आवेदन से पहले मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम नियम जरूर जांचें।

आधिकारिक जानकारी

मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की वेबसाइट पर सामाजिक सहायता से जुड़ी योजनाओं की सूची में मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना उपलब्ध है।

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