भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना:आदिवासी युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
Seoni News : मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025 आदिवासी युवाओं के लिए एक Golden अवसर है। योजना के तहत ₹50 लाख तक ऋण, 5% ब्याज अनुदान और 7 साल तक वित्तीय सहायता मिलेगी। आवेदन samast.mponline.gov.in पोर्टल पर शुरू – अभी करें आवेदन!
मध्य प्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम (MPAVN) द्वारा संचालित भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना एवं
टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दोनों योजनाओं के माध्यम से सिवनी जिले में कुल 204 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा —जिसमें 34 लाभार्थी भगवान बिरसा मुण्डा योजना के अंतर्गत तथा 170 लाभार्थी टंट्या मामा योजना के अंतर्गत शामिल होंगे।
🌿 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना
इस योजना का उद्देश्य आदिवासी वर्ग के युवाओं और युवतियों को व्यवसाय, सेवा और उद्योग से जुड़ी इकाइयाँ स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
🔹 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:मुख्य विशेषताएँ
- ऋण सीमा: ₹1 लाख से ₹50 लाख तक
- ब्याज अनुदान: इकाई लागत का 5% ब्याज अनुदान राज्य शासन द्वारा
- गारंटी शुल्क प्रतिपूर्ति: CGTMSE योजना अंतर्गत 7 वर्षों तक राज्य शासन द्वारा
- आय सीमा: वार्षिक आय ₹12 लाख से कम
📋 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:पात्रता शर्तें
- आवेदक अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का होना चाहिए
- न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण
- आयु 18 से 45 वर्ष
- मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी
📄 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:आवश्यक दस्तावेज़
- जाति प्रमाण पत्र
- निवासी प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड, पैन कार्ड
- बैंक पासबुक, समग्र आईडी
- व्यवसाय का कोटेशन एवं कार्ययोजना
🌐 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- जिला कार्यालय द्वारा जाँच के बाद बैंक से ऋण स्वीकृत होगा।
🌾 टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना
टंट्या मामा योजना का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को छोटे स्तर पर व्यवसाय या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता देना है।
🔹 मुख्य विशेषताएँ
- ऋण सीमा: ₹10,000 से ₹1,00,000 तक
- ब्याज दर: रियायती दर (निगम द्वारा निर्धारित)
- शैक्षणिक योग्यता: कोई अनिवार्यता नहीं
- आयु सीमा: 18 से 55 वर्ष
📄 आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड, समग्र आईडी
- जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- कार्ययोजना / कोटेशन
🌐 आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन समस्त एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करें।
- दस्तावेज अपलोड करने के बाद पात्रता परीक्षण होगा।
- बैंक के माध्यम से लोन स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
📊 वित्तीय वर्ष 2025–26 का लक्ष्य
| योजना का नाम | लक्षित लाभार्थी संख्या |
|---|---|
| भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना | 34 |
| टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना | 170 |
| कुल | 204 लाभार्थी |
📞 संपर्क विवरण
अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए संपर्क करें –
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग,
म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम कार्यालय, सिवनी
🔗 Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025:महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
- 👉 ऑनलाइन आवेदन पत्र
- 👉 पंजीकरण लिंक
- 👉 लॉगिन पोर्टल
- 👉 आवेदन की स्थिति देखें
- 👉 म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम पोर्टल
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को व्यवसाय, उद्योग और सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
इस योजना के तहत अधिकतम कितनी राशि का लोन मिल सकता है?
₹1 लाख से लेकर ₹50 लाख तक का ऋण पात्र आवेदकों को प्रदान किया जाता है।
क्या इसमें ब्याज में छूट मिलती है?
हाँ, राज्य शासन इकाई लागत का 5% ब्याज अनुदान प्रदान करता है।
गारंटी शुल्क का भुगतान कौन करेगा?
CGTMSE योजना अंतर्गत देय गारंटी सेवा शुल्क की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक राज्य शासन करेगा।
टंट्या मामा योजना की अधिकतम ऋण सीमा क्या है?
₹10,000 से ₹1,00,000 तक।
क्या टंट्या मामा योजना में शैक्षणिक योग्यता आवश्यक है?
नहीं, इस योजना में कोई शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता नहीं है।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर किया जा सकता है।
पात्रता के लिए आयु सीमा क्या है?
भगवान बिरसा मुण्डा योजना के लिए 18 से 45 वर्ष और टंट्या मामा योजना के लिए 18 से 55 वर्ष।
आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं?
जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आईडी और कार्ययोजना।
अधिक जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?
निकटतम आदिवासी वित्त एवं विकास निगम कार्यालय या https://www.mpavn.in वेबसाइट से।
✅ निष्कर्ष
मध्य प्रदेश शासन की यह Birasa Munda Svarojagaar Yojana 2025 पहल आदिवासी युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इन योजनाओं के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत का सपना भी साकार होगा।

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